भारत और जापान के बीच आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बढ़ता सहयोग और मजबूत होते व्यापार संबंधों को देखते हुए दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक 50 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। उद्योग मंडल एसोचैम ने बुधवार को यह बात कही। गोयल ने यहां स्टार्टअप पर आयोजित एक गोलमेज बैठक के दौरान एसोचैम की भारत-जापान द्विपक्षीय संबंधों पर रिपोर्ट जारी की। इस मौके पर एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल कुमार मिंडा भी मौजूद थे। एसोचैम ने कहा, ‘‘भारत के जापान के साथ व्यापारिक संबंध तेजी से बढ़ रहे हैं और हाल में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों का आदान-प्रदान हुआ है। द्विपक्षीय व्यापार से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और निवेश संबंधी उत्साहजनक घोषणाओं से 2030 तक दोनों देशों का व्यापार बढ़कर 50 अरब डॉलर होने की उम्मीद है, जो 2025-26 में 27.47 अरब डॉलर था।” मिंडा ने कहा कि भारत-जापान संबंध पिछले कुछ वर्षों में काफी मजबूत हुए हैं। इनमें विकास सहयोग, बुनियादी ढांचा, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, निवेश और व्यापार सहित कई क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की व्यवस्था को प्रभावित कर रहे प्रौद्योगिकी विकास की तेज रफ्तार को देखते हुए जापान भारत में अधिक अनुसंधान एवं विकास तथा नवोन्मेष केंद्र और वैश्विक क्षमता केंद्र स्थापित करने पर विचार कर सकता है। साथ ही, भारतीय शिक्षण संस्थानों के साथ इंजीनियरिंग क्षेत्र में साझेदारी भी की जा सकती है।
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