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बुंदेलखंड राज्य की मांग पर सांसद कार्यालय पर प्रदर्शन:विकास सेना ने सौंपा ज्ञापन, हरीश कपूर बोले- पृथक प्रांत ही समाधान

India 13h ago Source: publicofindia

ललितपुर में पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर रविवार को बुंदेलखंड विकास सेना ने जोरदार प्रदर्शन किया। केंद्रीय प्रमुख हरीश कपूर टीटू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सांसद अनुराग शर्मा के कार्यालय पर दो घंटे तक धरना देकर प्रदर्शन किया और सांसद प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने संसद के मौजूदा मानसून सत्र में पृथक बुंदेलखंड राज्य के गठन का प्रस्ताव उठाने की मांग करते हुए कहा कि क्षेत्र की बेरोजगारी, पलायन, जल संकट और पिछड़ेपन जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान अलग राज्य के गठन से ही संभव है। कंपनी बाग से सांसद कार्यालय तक निकाला जुलूस रविवार दोपहर 12 बजे बुंदेलखंड विकास सेना के कार्यकर्ता कंपनी बाग में एकत्र हुए। यहां से उन्होंने नारेबाजी करते हुए सिविल लाइन स्थित सांसद अनुराग शर्मा के कार्यालय तक जुलूस निकाला। सांसद कार्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया और "सौ समस्याओं का एक निदान, पृथक बुंदेलखंड प्रांत निर्माण" के नारे लगाए। संगठन ने सांसद प्रतिनिधि को सौंपे ज्ञापन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद-3 का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद को नए राज्यों के गठन का अधिकार है। ज्ञापन में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का पुनर्गठन कर पृथक बुंदेलखंड राज्य बनाने तथा इस संबंध में वर्तमान मानसून सत्र में प्रस्ताव लाने की मांग की गई। 25 वर्षों से चल रहा आंदोलन बुंदेलखंड विकास सेना का कहना है कि संगठन पिछले 25 वर्षों से गांधीवादी और लोकतांत्रिक तरीके से पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग उठा रहा है। संगठन के अनुसार, क्षेत्र का दो राज्यों में बंटा प्रशासनिक ढांचा इसके समग्र विकास में सबसे बड़ी बाधा है। बेरोजगारी, पलायन और जल संकट प्रमुख मुद्दे कार्यकर्ताओं ने कहा कि बुंदेलखंड आज भी उद्योगों के अभाव, बेरोजगारी, पलायन, जल संकट, सिंचाई की कमी, सूखा-बाढ़, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। उनका कहना है कि अलग राज्य बनने से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और क्षेत्र का संतुलित विकास संभव होगा। महापुरुषों की भूमि की हो रही उपेक्षा संगठन ने कहा कि महारानी लक्ष्मीबाई, गोस्वामी तुलसीदास, राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त, मेजर ध्यानचंद और बाबू वृंदावनलाल वर्मा जैसी विभूतियों की कर्मभूमि होने के बावजूद बुंदेलखंड उपेक्षा का शिकार है। पृथक राज्य बनने से क्षेत्र को उसकी पहचान और विकास दोनों मिल सकेंगे। सांसद से संसद में मुद्दा उठाने की अपील केंद्रीय प्रमुख हरीश कपूर टीटू ने सांसद अनुराग शर्मा से आग्रह किया कि वे झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र के प्रतिनिधि होने के नाते पृथक बुंदेलखंड राज्य की जनभावना को संसद के मौजूदा मानसून सत्र में प्रभावी ढंग से उठाएं और केंद्र सरकार से अनुच्छेद-3 के तहत नए राज्य के गठन की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग करें। प्रदर्शन में केंद्रीय महामंत्री महेंद्र अग्निहोत्री, मुकेश मुड़रा, राजीव पटवारी, मनोज शर्मा, कामरेड जिनेंद्र जैन, राजा ओमकार सिंह, डॉ. एस.एस. राजपूत, डॉ. विवेक साहू, राघवेंद्र सिंह लोधी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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