कोटा में उत्तर विधायक और पूर्व यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कहा- राजस्थान में अशोक गहलोत ही कांग्रेस के आलाकमान हैं। दिल्ली का आलाकमान अलग है और वह सबसे बड़ा है, वह हाईकमान है। कोटा में मीडिया से बात करते हुए शांति धारीवाल ने यह कहा। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शुमार धारीवाल से एक मीडियाकर्मी ने सवाल किया था कि आपने कहा था कि प्रदेश कांग्रेस में आलाकमान अशोक गहलोत ही हैं। आपका आज क्या कहना है। इस पर धारीवाल ने जवाब देते हुए कहा- मैं आज भी इस बात पर कायम हूं। धारीवाल के इस बयान के दौरान उपस्थित समर्थकों ने अशोक गहलोत जिंदाबाद के नारे भी लगाए। इस दौरान धारीवाल ने छात्र आंदोलन को लेकर भी चर्चा की। गहलोत के बंगले का दिया उदाहरण अपने दावे को सही ठहराते हुए धारीवाल ने कहा- प्रदेश के आम कार्यकर्ता का जुड़ाव ही इसका प्रमाण है। जयपुर की धरती पर कदम रखते ही कांग्रेस कार्यकर्ता का दूसरा पैर सीधे अशोक गहलोत के बंगले की ओर जाता है। चाहे वे ट्रेन, बस या कार से उतरें, सबसे पहले कार्यकर्ता वहीं क्यों पहुंचते हैं? यह साबित करता है कि कार्यकर्ताओं के मन में असली नेतृत्व किसका है। कहा- मदन दिलावर ने सरकारी स्कूल बंद किए, नामांकन कम हुए शांति धारीवाल ने छात्र आंदोलन को लेकर कहा- केंद्र सरकार ने स्टूडेंट्स के साथ कुठाराघात किया है। इनके राज में पेपर लीक हो रहे हैं। हमारे ऊपर आरोप लगाते हैं कि हमारे राज में पेपर लीक हुए, लेकिन हमने तो कानून बनाए, सजा दिलाई। उन्होंने दिलावर पर निशाना साधते हुए कहा- मदन दिलावर का भी इस्तीफा होना चाहिए। ऐसे आदमी को शिक्षा का जिम्मा दे दिया, जिसने कई सरकारी स्कूल बंद कर दिए। नामांकन कम होने लग गया। ऐसे आदमी को रखने का क्या फायदा है। उस पर RSS की मुहर लगी है, इसलिए टिका रखा है। 2022 में धारीवाल के आवास पर जुटे थे गहलोत गुट के विधायक शांति धारीवाल का यह रुख नया नहीं है। इस बयान की जड़ें सितंबर 2022 के उस चर्चित घटनाक्रम से जुड़ी हैं। जब जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की आधिकारिक बैठक बुलाई गई थी। तब गहलोत गुट के दर्जनों विधायक आधिकारिक बैठक के बजाय शांति धारीवाल के सरकारी आवास पर पहुंच गए थे। उस समय भी धारीवाल और समर्थकों ने खुलकर संदेश दिया था कि प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन या फैसला गहलोत गुट की सहमति के बिना संभव नहीं है। इस शक्ति प्रदर्शन के बाद केंद्रीय हाईकमान ने शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़ को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया था। ये खबरें भी पढ़ें... गहलोत बोले-मैंने कभी डोटासरा पर आरोप नहीं लगाया:कांग्रेस नेताओं को आपस में लड़ाना चाहती है BJP, उनका मकसद पीसीसी अध्यक्ष को बदनाम करना है पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- भाजपा मेरे बयानों को तोड़-मरोड़कर कांग्रेस में फूट दिखाने की कोशिश कर रही है। मैंने कभी भी डोटासरा पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगाया। (पूरी खबर पढ़ें) डोटासरा का गहलोत पर तंज, खुद की ब्रांडिंग उनको मुबारक:बोले-व्यक्तिवाद का नुकसान कांग्रेस ने झेल लिया, एक बार सरकार में आते हैं फिर नहीं आते कांग्रेस मुख्यालय की जगह पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बंगले पर बीएपी कार्यकर्ताओं को पार्टी जॉइन कराने पर प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने तंज कसा। डोटासरा ने गहलोत का बिना नाम लिए कहा- कोई व्यक्ति अपनी ब्रांडिंग के लिए काम करे वह उनको मुबारक हो। गोविंद डोटासरा कांग्रेस के लिए काम करता है। पढ़ें पूरी खबर
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